आखिर तमाम जीवन से कांग्रेस की दरियां बिछाता आ रहा यह पार्टी नेता

एम हसीन

रुड़की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी सलीम खान ने रुड़की विधानसभा सीट पर अपने लिए पार्टी टिकट मांगने का इरादा जाहिर किया है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने दावा पहली बार किया है। वे पहले भी पार्टी से टिकट माँग चुके हैं और ऐसा भी नहीं है कि पार्टी ने नगर सीट पर किसी मुस्लिम पार्टी कार्यकर्ता को टिकट न दिया हो। कलियर के मौजूदा विधायक हाजी फुरकान अहमद को पार्टी ने सबसे पहले 2007 में रुड़की सीट पर ही चुनाव लड़ाया था और यह भी सच है कि उस समय भी हाजी सलीम खान इस सीट पर टिकट के दावेदार थे। वे उस समय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उस समय अल्पसंख्यक कांग्रेस का पार्टी के भीतर और बाहर रुतबा हुआ करता था। बहरहाल, आज की सच्चाई यह है कि लंबे अरसे बाद किसी मुस्लिम कांग्रेसी ने नगर सीट के टिकट पर दावा किया है और टिकट मांगने वाले वही हाजी सलीम खान हैं। अहम यह है कि उनकी दावेदारी बेवजह नहीं है।

दरअसल, हाजी सलीम खान दशकों से कांग्रेस के लिए दरिया बिछाते आ रहे हैं। वे 1980 में उस समय भी कांग्रेस के लिए काम करते थे जब रामसिंह सैनी रुड़की के कांग्रेस विधायक हुआ करते थे और 2000 में उस समय भी हरीश रावत उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हुआ करते थे। दरअसल, हाजी सलीम खान, जैसा कि उनके नाम से ही जाहिर है कि वे अगड़ा समाज से आते हैं, उस मानसिकता की राजनीति करते हैं जो आजादी के बाद देश में प्रचलित हुई थी। तब देश में मुस्लिम समुदाय जातियों में विभाजित नहीं था और राजनीतिक रूप से वह शासित भी नहीं था। इसके विपरीत वह वर्ग सह – शासक था; उसकी आरक्षण के बगैर ही सत्ता में हिस्सेदारी निर्धारित थी। तब कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में भी मुस्लिम प्रतिनिधित्व दिखाई देता था, प्रदेश की राजनीति में भी और स्थानीय राजनीति में भी। फिर दौर बदला मुस्लिमों को प्रतिनिधित्व मिलना तो दूर लोगों ने प्रतिनिधित्व मांगना भी बंद कर दिया था। लेकिन अब दौर बदल रहा है। क़ाज़ी इमरान मसूद, क़ाज़ी निज़ामुद्दीन और इमरान प्रतापगढ़ी आदि लोग कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में नजर आने लगे हैं तो स्थानीय स्तर पर भी टिकट के लिए कांग्रेसियों का हौसला खुलने लगा है। ध्यान रहे कि कांग्रेस ने हरिद्वार जनपद की 11 सीटों में से 2022 के चुनाव मुस्लिम समुदाय को 2 टिकट दिए थे जबकि 2002 और 2007 के चुनाव तक, जब जिले में सीटों की संख्या 9 थी, तब पार्टी ने यहां 3 मुस्लिम मैदान में उतारे थे। हाजी सलीम खान को उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस तीन सीटों पर मुस्लिमों को टिकट देगी। इसी कारण उन्होंने टिकट पर दावेदारी की है।